हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , बुधवार को जारी अपने बयान में कहा कि कई इराक़ी प्रांतों में हश्दुश्शाबी के ठिकानों को निशाना बनाए जाने से अनेक लोग शहीद और घायल हुए हैं।
बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय क़ानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के विरुद्ध है तथा इससे इराक़ की सुरक्षा और पूरे क्षेत्र की स्थिरता को गंभीर ख़तरा पैदा होता है।
पार्टी ने दोहराया कि इराक़ ने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि उसकी भूमि का उपयोग किसी भी देश पर हमला करने के लिए नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही उसने यह भी कहा कि इराक़ अपनी धरती को क्षेत्रीय या अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का मैदान बनाए जाने और अपनी संप्रभुता के उल्लंघन को स्वीकार नहीं करता।
बयान में कहा गया कि यदि इराक़ की धरती से सऊदी अरब पर हमले किए जाने के दावे हैं, तो उनके समर्थन में ठोस और निर्णायक प्रमाण प्रस्तुत किए जाने चाहिए। अप्रमाणित आरोपों के आधार पर कार्रवाई उचित नहीं है, विशेषकर तब जब इराक़ी सरकार ने इन दावों की जांच के लिए पहले ही एक विशेष जांच समिति गठित कर रखी है।
पार्टी ने चेतावनी दी कि इस प्रकार के हमले केवल क्षेत्र में तनाव और संघर्ष को बढ़ाएंगे तथा शांति और तनाव कम करने के प्रयासों को कमजोर करेंगे।
इस्लामिक दावत पार्टी ने इराक़ सरकार से मांग की कि वह इस घटना पर राष्ट्रीय और दृढ़ रुख अपनाए तथा देश की संप्रभुता की रक्षा, जिम्मेदार पक्षों की जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी राजनीतिक, कूटनीतिक और कानूनी उपायों का उपयोग करे। साथ ही उसने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार इराक़ को अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी वैध साधनों का उपयोग करने का अधिकार है।
बयान के अंत में पार्टी ने कहा कि आतंकवाद और बाहरी हस्तक्षेपों से भारी नुकसान झेलने के बावजूद इराक़ ने हमेशा संयम, अन्य देशों की संप्रभुता के सम्मान और संघर्ष को दूसरे देशों तक न ले जाने की नीति अपनाई है। उसने शहीदों के लिए ईश्वर की दया, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और उनके परिवारों के लिए धैर्य एवं सांत्वना की दुआ की हैं।
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